
jahazpur news ( आयुष) । राजस्थान विधानसभा में आय-व्ययक अनुमान वर्ष 2020-21 की द्वितीय अवस्था अनुदान की मांगों पर विचार करते हुए विधायक गोपीचंद मीणा ने सदन मे कहा कि विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अवैध बजरी, गार्नेट, क्वार्ट्ज, लाइमस्टोन के खनन का कार्य जोरों पर किया जा रहा है। लेकिन अवैध खनन के विरुद्ध प्रशासननिक अधिकारियों द्वारा नाममात्र की कार्यवाही की जा रही है। जिससें राजस्व का भारी नुकसान होने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र मे खुलेआम सुप्रीम कोर्ट की रोक की धज्जियाँ उडाई जा रही है।
विधायक मीणा ने सदन मे रिक्त पदभरने की मांग करते हुए कहा कि पटवारियों, गिरदावर एवं नायब तहसीलदार (उप तहसील पारोली, खजुरी ) के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। जिसके परिणाम स्वरूप क्षेत्र में आम जनमानस एवं किसानों को जाति – प्रमाण पत्र ,मूल निवास,आय प्रमाण पत्र एवं नामांतरण, नकल एवं नक्शों हेतु बार-बार कार्यालयों के चक्कर काटना पड़ रहा है।
मीणा में सदन को अवगत कराते हुए कहा कि राजकीय भूमि का आवंटन राज्य कार्य हेतु किया जावे साथ ही खातेदारी भूमि का व्यवसायिक रूपांतरण व्यवसाय एवं उद्योगों के निमित्त प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए नीति निर्धारित की जाए। शमशान भूमि, खेल मैदान एवं गौशाला हेतु भूमि का आवंटन प्राथमिकता के आधार परअति आवश्यक रूप से किया जाए।
विधायक मीणा ने कहा कि नरेगा योजना अंतर्गत अथवा सार्वजनिक निर्माण विभाग निर्मित सड़कों को राजस्व रिकॉर्ड में रास्ता दर्ज कराया जाय। ताकि भविष्य में होने वाले आंदोलनों के तहत किसानों द्वारा उक्त सड़क मार्गों को बंद किए जाने से बचा जा सके। एवं पत्थर गढ़ी एवं सीमा ज्ञान हेतु आदेश की पालना निर्धारित समय सीमा में तय की जाए।
ताकि गरीब किसानों को पटवारियों एवं गिरदावर द्वारा कटाए जाने वाले चक्करो से मुक्ति मिल सके और उन्हें आर्थिक व मानसिक रूप से पीड़ित होने से मुक्ति मिल सकें।
विधायक मीणा ने सदन के माध्यम से राज्य सरकार से आग्रह किया की भीलवाड़ा जिले के अंतर्गत डीएमएफटी मद से आधुनिक सुविधा युक्त पटवार भवनों का नवीन निर्माण कराया जाए ताकि किसानों को लाभ मिल सके। साथ ही भारत सरकार द्वारा (d.i.r.l.m)योजना अंतर्गत जमाबंदी नक्शा ट्रेसपासर राजस्व रिकॉर्ड में ऑनलाइन दर्ज किए जा रहे हैं किंतु जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत किसान गत 6 महीनों से उक्त कार्य हेतु चक्कर लगा रहे हैं। इसके लिए प्रशासन द्वारा जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
विधायक ने अवगत कराया कि मंत्रालयिक कर्मचारियों की पदोन्नति समय पर करते हुए एस.सी. ,एस. टी.,ओबीसी का बैकलोग पदोन्नति के माध्यम से भरा जाए। पारोली ग्राम पंचायत के अंतर्गत देवस्थान विभाग की 1.17 बिस्वा भूमि पर भू माफियाओं द्वारा कब्जा करते हुए अवैध रूप से भवन व दुकानों का अवैध निर्माण किया जा चुका है। किंतु प्रशासन ने आज तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके अतिरिक्त उपखंड स्तर पर एक ही अधिकारी द्वारा विकास अधिकारी एवं पंचायत समिति में सहायक अभियंता के पद के निर्वहन के साथ-साथ दूसरे उपखंड स्तर पर भी विकास अधिकारी एवं सहायक अभियंता के पद पर कार्य संपादित किया जा रहा है।
जो कि परोक्ष रूप से सीधा सीधा भ्रष्टाचार को आमंत्रण है। इसी के परिणाम स्वरूप सारे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं एवं विधायक कोष से स्वीकृत कार्य भी प्रारंभ नहीं हो पा रहे हैं। विधायक मीणा ने बताया कि जहाजपुर, उपखंड एवं कोटडी उपखंड के अंतर्गत राजनीतिक द्वेषतापूर्वक के चलते नरेगा योजना में पूर्व में स्वीकृत निर्माण कार्यों को बिना ग्राम पंचायतों की सहमति से निरस्त कर दिया गया है। जिसके कारण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
